स्ट्रोक से बचने के लिए कम खाएं नमक

स्ट्रोक ब्रेन रिलेटेड बीमारी है और इसलिए इसे बोलचाल की भाषा में ब्रेन अटैक भी कहते हैं। यह किसी को भी हो सकती है, लेकिन हाई ब्लडप्रेशर, डायबिटीज और हाई कॉलेस्ट्रोल के पेशेंट को सावधानी रखने की जरूरत होती है। ड्यूक स्ट्रोक सेंटर, डरहम (ब्रिटेन) के डायरेक्टर लैरी बी. गोल्डस्टीन कहते हैं कि स्ट्रोक का सीधा संबंध हमारी लाइफ स्टाइल से भी है। अगर हम लाइफ स्टाइल को बैलेंस रखें तो इससे आसानी से बच सकते हैं।

5 आसान तरीके जिनसे हम स्ट्रोक से बच सकते हैं :

1.फैटी और साल्टी डाइट से बचें, खाएं हेल्दी
डाइट में अगर सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होगी तो स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाएगी। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल होने से वेसल्स में ब्लड सर्कुलेशन में प्रॉब्लम होती है जिससे क्लाटिंग होने का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह एक्स्ट्रा नमक खाने से बीपी की प्रॉब्लम बढ़ जाती है जो स्ट्रोक के लिए रिस्पॉन्सिबल होती है। इसलिए स्ट्रोक से बचने के लिए बैलेंस्ड डाइट जरूरी है।

2.रोज करें एक्सरसाइज
फिनलैंड में 47 हजार लोगों पर की गई एक स्टडी से पता चला है कि फिजिकल एक्टिविटी इसमें हेल्पफुल हो सकती है। एक्सरसाइज करने से हार्ट मजबूत बनता है जिससे ब्लडप्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है। जब शरीर का ब्लडप्रेशर कंट्रोल में रहेगा तो स्ट्रोक का खतरा भी कम हो जाएगा।
3.वेट को करें कंट्रोल
एक रिसर्च के अनुसार 18 साल की उम्र के बाद अगर अचानक से 10 किलो वजन बढ़ जाता है तो इससे स्ट्रोक की पॉसिबिलिटी दोगुनी तक हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि वेट बढ़ने से डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए वेट को कंट्रोल करना जरूरी है। stroke
4. ज्यादा ड्रिंक ना करें
अमेरिका की सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी द्वारा की गई एक रिसर्च के अनुसार दो से ज्यादा ड्रिंक लेने से ब्रेन हेमरेज का खतरा बढ़ जाता है जो स्ट्रोक का ही एक डेंजरस प्रकार है। अल्कोहल लेने से ब्लडप्रेशर बढ़ता है जिससे स्ट्रोक की रिस्क और बढ़ जाती है। इसी तरह अमेरिका की ही टुलाने यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने अपनी स्डटी में पाया कि ज्यादा ड्रिंक लेने से स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाती है।
5. स्मोकिंग को पूरी तरह से छोड़ दें :
जो लोग स्मोकिंग करते है उनमें स्ट्रोक का खतरा बना रहता है। स्मोकिंग करने से निकोटिन और कार्बन मोनोआक्साइड शरीर में जाते हैं जो स्ट्रोक की प्रॉब्लम को क्रिएट करते हैं। एक स्टडी के अनुसार स्मोकिंग छोड़ने के दो साल बाद स्ट्रोक का खतरा काफी कम हो जाता है।