नई पॉलिसी तैयार, कस्टमर को नहीं काटने होंगे बैंकों के चक्कर

कंप्लेंट पर होगी तुरंत कार्रवाई : अगर किसी ने गलती से किसी के अकाउंट में कैश डाल दिया है तो उसे ट्रांजेक्शन आईडी के साथ इसकी कंप्लेंट बैंक में लिखित रूप से या बेवसाइट पर करनी होगी। बैंक को तुरंत रिप्लाई करना जरूरी होगा। एटीएम से कैश न निकलने, मगर अकाउंट से रकम डेबिट होने पर बैंक को तुरंत पूरी डिटेल देनी होगी।

• राजेश गुप्ता को एक दिन बैंक खाते से 10,000 रुपये निकाले जाने का अलर्ट मेसेज मिला। वह हैरान रह गए, उन्होंने यह रकम निकाली ही नहीं थी। वे बैंक गए, कंप्लेंट दी। एक महीना बीतने पर भी समस्या नहीं सुलझी। सुमित खन्ना क्रेडिट कार्ड से किसी को ऑनलाइन पेमेंट कर रहे थे। गलती से उन्होंने अकाउंट नंबर में एक डिजिट गलत लिख दिया। पैसा किसी और के खाते में चला गया। वे बैंक के चक्कर काट रहे हैं ।bank transction

जैरी एटीएम से रुपये निकालने गए। ट्रांजेक्शन पूरा होने का मेसेज दिखा, मगर कैश नहीं निकला। खाते से रुपये कटने का मेसेज आ गया। उन्होंने इंतजार किया कि शायद बैंक रिफंड कर दे, लेकिन नहीं हुआ।

ऐसी ही कई समस्याओं से परेशान बैंक कस्टमर्स के लिए अच्छी खबर है। आने वाले समय में उन्हें इसके लिए बैंकों के ज्यादा चक्कर नहीं काटने होंगे। क्रेडिट कार्ड हो या डेबिट कार्ड या फिर ऑनलाइन बैंकिंग, इनके जरिये पैसों के लेन-देन में अगर कोई गड़बड़ी या धोखाधड़ी होती है तो बैंक को तीन महीने के अंदर प्रॉब्लम दूर करनी होगी। कस्टमर ऑनलाइन कंप्लेंट भी देगा तो तुरंत एक्शन लेना होगा। सरकार बैंक कस्टमर्स के प्रोटेक्शन के लिए नई पॉलिसी बना रही है। सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय ने पॉलिसी का कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है। इस पर आरबीआई के साथ बैठक होगी, फिर कैबिनेट में पास करके लागू कर दिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के अफसरों का कहना है कि पॉलिसी के तहत क्रेडिट और डेबिट कार्ड में होने वाली धोखाधड़ी पर शिकंजा कसने के नए उपाय भी हैं।