धनतेरस, जो अक्षय मुहूर्त माना जाता है

कोई भी नया कार्य या व्यवसाय शुरू करने के लिए अथवा स्वर्ण व रजत आभूषण खरीदने के लिए शुभ माने जाने वाला पुष्य नक्षत्र का संयोग इस बार 3 नवंबर को पड़ रहा है। इस साल धनतेरस पूर्व पड़ रहे पुष्य नक्षत्र को इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि 12 बरस बाद सिंहस्थ गुरु के संयोग में भौम पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इसी दिन साध्य और शुभ योग भी है माना जाता है कि जब भी गुरु सिंह राशि में यानी सिंहस्थ होता है तो सूर्य बलवान होता है।

सिंहस्थ गुरु के संयोग में पुष्य नक्षत्र में खरीदी करना लाभदायी व अक्षय कारक है, इससे परिवार में समृद्धि बढ़ेगी। स्वर्ण, रजत, तांबा खरीदने से बढ़ेगी समृद्धि ज्योतिषी डॉ.दत्तात्रेय होस्केरे कहते हैं कि शास्त्रोक्त मान्यता के अनुसार नक्षत्रों का राजा माने जाने वाले पुष्य नक्षत्र पर जमीन, जायदाद, सोना, चांदी, तांबा की खरीदारी करने से सुख-समृद्धि व वैभव में वृद्धि होती है। इनके अलावा मकान, वाहन, फर्नीचर, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स व अन्य घरेलू सामान की खरीदारी करना भी अति शुभ फलदायी माना जाता है।dhanteras

27 नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ माने जाने वाला पुष्य नक्षत्र 2 नवंबर की शाम 4 बजकर 24 मिनट से 3 नवंबर की शाम 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। सोमवार यानी (चन्द्रमा) से शुरू होकर मंगलवार को दिनभर यानी भौम पुष्य नक्षत्र का संयोग होने से धातुओं की खरीदारी करना शुभ होगा। सुख-शांति व सौभाग्य के प्रतीक माने जाने वाले धातु सोना, चांदी, देवी-देवता की तांबे की प्रतिमा की खरीदी करने से जीवन में समृद्धि का वास होगा। राशि के अनुसार धातुएं खरीदें भौम पुष्य नक्षत्र सभी राशि वालों के लिए सुख-समृद्धि लेकर आएगा। कोई भी राशि वाला व्यक्ति अपनी सुविधानुसार सभी तरह की धातुएं खरीद सकता है। लेकिन यदि किसी को आर्थिक परेशानी है तो वह अंश मात्र को ही सही सोना, चांदी की खरीदी अवश्य करे तो आने वाला समय उसके लिए शुभकारी साबित होगा। वैसे मीन, तुला, कंुभ, मिथुन, वृषभ राशि वालों को स्वर्ण धातु व कर्क, सिंह, वृश्चिक राशि वालों को रजत यानी चांदी के जेवर, सिक्के और कन्या, मकर, धनु, मेष राशि वाले फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, किचन सामग्री व तांबे की देवी प्रतिमाओं की खरीदारी कर सकते हैं। 9 को धनतेरस भौम पुष्य नक्षत्र के बाद खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ माने जाने वाला मुहूर्त धनतेरस 9 अक्टूबर को है, जो अक्षय मुहूर्त माना जाता है। इस दिन सुबह से लेकर अर्ध्य रात्रि तक किसी भी समय खरीदारी की जा सकती है।

Source: Jagran