दिल और दिमाग दोनों को एक्टिव रखने के लिए दौड़ना है बेस्ट एक्सरसाइज

दिल के लिए– अभी से ही दिल की सेहत का ख़्याल रखना शुरू कीजिए। आपके दिल को बहुत प्यार, परवाह और देखभाल की ज़रूरत होती है। यह ज़रूरत एक्टिव ज़िंदगी बिताकर पूरी की जा सकती है। दौड़ने से कोलेस्ट्रॉल का लेवल घटता है, वहीं ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है। ले-देकर ये सभी चीज़ें अच्छे दिल का संकेत हैं। याद रखें- सेहतमंद दिल=लम्बी ज़िंदगी।

स्ट्रेस की छुट्टी- कॉलेज, प्रेज़ेंटेशन, ट्यूशन के चक्कर में कई बार दिमाग़ पर तनाव हावी हो जाता है। ऐसे में दौड़ से बड़ी कोई दवा नहीं। दौड़ते वक़्त शरीर में एंडॉर्फिन्स का स्राव होता है, जो हमारे मूड को अच्छा करने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। ये हॉर्मोन हमारे दिमाग़ को हल्का करते हैं। इसलिए टीवी के सामने बैठने के बजाय निकल जाइए दौड़ने के लिए।

ग़ौर करने का मौक़ा– हर रोज़ गाड़ी से आने-जाने की आदत में हम आसपास देखना तो छोड़ ही चुके हैं। ख़ुद गाड़ी चलाते हैं, तो छोटी-छोटी चीज़ों, रास्तेके पार स्थित दुकानों, पेड़-पौधों पर नज़र डालने का मौक़ा ही नहीं मिलता। इसलिए सुबह शांत सड़कों पर निकल पड़िए। उन चीज़ों को ग़ौर से देखिए जिन्हें आपने अब तक नहीं देखा था। पैदल चलते हुए प्रकृति की ख़ूबसूरती को निहारने का मौक़ा कोई व्यायामशाला भी नहीं दे सकती। running

कुछ ज़रूरी बातें- रोज़ ख़ुद के लिए लक्ष्य तय करें। इससे जल्दी अच्छे परिणाम हासिल होंगे। हो सके, तो अपने साथ किसी को ले जाएं, ताकि साथ भी मिले और प्रतिस्पर्धा भी हो सके। दौड़ के लिए जूते चुनने से पहले भी पूरा ध्यान दें। यदि सही जूते नहीं पहनेंगे, तो फ़ायदे के बजाय नुक़सान ही होगा। कोशिश करें कि बिना जैकेट पहने दौड़ने न जाएं, क्योंकि पसीने पर हवा लगना हानिकारक होता है। हो सके तो बिना हेडफ़ोन चिड़ियों का चहकना सुनें, मन हल्का होगा